| कमला देवी |
गुजरात के नए गवर्नर श्री कमला देवी गुजरात विद्यापीठ की मुलाकात पर आए थे। वो राजस्तान की रहने वाली हे। उनके हाथो काका कालेलकर की वेबसाईड लोंच की गई। वो कही सालो से राजनीती में काम कर रही हे पर उनकी कारकिदी पर कभी कोई दाग नही लगा। गुजरात विधापीठ के सभाखंड में आयोजित इस कार्यकम में वो बोलने में खिल उठे थे। उन्हों ने अपनी उन्गली विद्याथीओ की और करके बोला की में भी यही कही बेठती थी। सभाखंड में बेठे विद्याथीओ को देखकर उन्हों ने अपने बचपन के दिनों की याद आईथी। वो कहरहे थे की हमारे ज़माने में पढ़ाइ करना गुना था मेरे बापूजी ने मुजे पढ़ाइ करने भेजा तो मेरे बापूजी को समाज से बाहर करदिया था। पर बापूजी उनलोकोकी बातो में न आए। वो कह रही थी की हमने पढ़ाइ के साथ खेल कूद में भी बहोत भाग लीया अपने प्रवचन के बाद कमला देवी ने गुजरात विद्यापीठ की भूमि को चूम लिया था और बादमे वो बोले थे की में बहोत भाग्यवान हु की गाँधीजी की इस पवित्र भूमि में आने का अवसर मिला। वो विद्यापीठ से इतनी प्रभावित् हुई की वो बोल उठी की विद्यापीठ में आज भी गांधीजी मोजुद हो ऐसा लग रहा हे। उन्हों ने राजनीती पर बड़ा कटाक्ष करते हुए बोला की '' लोग बोलते हे की राजनीती में सबकुच चलता हे पर एसा नही हे क्युकी ढेर सारे लोगो के प्रतिनिधि बनकर आप आते हो तो अपने जाहेर जीवन के दरमियान कोई दाग नही लगना चाहिए '' श्री कमला देवी ने अध्यापक और विद्याथी से रूबरू मुलाकात भी की थी एवम बच्चो को ओटोग्राफ लिख दिया था। गुजरात विद्यापीठ के ग्रनथालय की मुलाकात करके काका साहब के किताबो को भी देखा था। सही में कमला देवी सादगी के रूपमें गांधीजी के विचारो को मानने वाली गवर्नर गुजरात को मिली हे।
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