Tuesday, October 12, 2010

मेरा बचपन मत सीनों



पापा मुझे खेलने नहीं देते , मोम हरोज डाटती रहेती हे। स्कूल में अगर होमवर्क न ले गए तो मेडमजी पीटती हे और सबके सामने सरमिन्दाकरती हे। मुझे जूनियर केजी में य सिखाया जाता हे की किस तरा खाया और बोला जाए। मेने तो सुना था की ऐ पापा -मोम सिखाते हे ........पर सच कहू तो वो लोक बहोत बिझी हे, पापा ऑफिस चले जाते हे और मोम घर का काम करके सो जाती हे। अब कुछ ही दिनों में मेरा जन्मदिन आ रहा हे, पापा कहेगे बोलो आपको क्या चाहिए। तो मेने सोच रखा हे॥, में तुरंत कहूँगा की पापा मुझे और कुछ नहीं मेरा ही बचपन चाहिए। आप दोगें न पापा....... ळी -एक बच्चा